बूंदी
29.09.2023
- रात 9 बजे तक चला धरना
- गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों को तहसीलदार ने समझाया मुआवजे का भरोसा दिया।
रक्तदंतिका मंदिर में लुटेरों के हमले में घायल चौकीदार की मौत 20 लाख का मुआवजा मांगा
बसोली ,बूंदी
- प्रसिद्ध रक्तदतिका माताजी मंदिर में हुई लूटपाट के दौरान बदमाशों की मारपीट में गंभीर घायल हुए चौकीदार राजकुमार प्रजापत की मौत हो गई। प्रजापत ने बुधवार देर रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। सूचना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया उनका कहना था कि 10 दिन बाद भी पुलिस बदमाशों तक नहीं पहुंच पाई।
- पुलिस शुरू से बदमाशों का क्लू मिलने की बात कह रही थी। चौकीदार की मौत से बुजुर्ग पिता के बुढ़ापे की लाठी का सहारा भी छिन गया है। ग्रामीणों ने कहा कि परिजनों को 20 लाख का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। चेतावनी दी कि अगर समय रहते पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार नहीं किए तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
10 दिन बाद भी बदमाशों तक नहीं पहुंची पुलिस इसलिए नाराज हैं , ग्रामीण माताजी मंदिर में जुटे ग्रामीण अधिकारियों से बातचीत
मंदिर में 19 सितंबर की रात नकाबपोश चोरों ने पीछे खेत से सीढ़ी लगाकर प्रवेश किया था। मंदिर के दो पुजारीए चौकीदार राजकुमार प्रजापत को हथियारों से हमले में घायल कर लाखों की चोरी कर फरार हो गए थे। लाखों रुपए के सोने.चांदी के जेवर ले गए थे। एसपी ने खुलासे के लिए तीन थानों की पुलिस लगाईए लेकिन 101 दिन बाद भी पुलिस के। हाथ खाली हैं। गंभीर घायल राजकुमार प्रजापत ;45द्ध को कोटा एमबीएस में भर्ती करवाया था। परिजनों का आरोप है कि उपचार प्रॉपर तरीके से नहीं हो पाया और उसको जयपुर भेजना पड़ाए जहां मौत हो गई। घायल पुजारी का भी इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- 20 सितंबर को प्रकाशित खबर
सरपंच प्रतिनिधि मुकेश कोतवाल ने बताया कि राजकुमार की मौत के बाद क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए ग्रामीण माताजी मंदिर पर एकत्र हुए। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की ढिलाई के कारण बदमाश गिरफ्त में नहीं आ पाए और एक मौत हो चुकी है।
हिंडौली तहसीलदार रामसिंह गुर्जर सीआई मनोजसिंह पहुंचे।
गुर्जर ने ग्रामीणों से बातचीत कर समझाइश का प्रयास किया। परिजनों का कहना है कि परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए और मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी मिले। माताजी परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं। मंदिर समिति से जुड़े त्रिलोक कुमावतए भाजपा नेता सीपी गुंजलए पूर्व सरपंच रामावतार मीणाए मुकेश मीणाए कालूलाल भट्टए रामकल्याण गुर्जरए हरिशंकर गुर्जरए भंवर गुर्जरए भंवरभाटए बाबूलाल भाट और ग्रामीण शव आने का इंतजार करते रहे। गांववालों का कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर शव को लाने में देरी की। राज्यमंत्री चांदना ने भी बदमाशों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
विपदा आन पड़ी... मां व भाई की हो चुकी मौत बीमार पिता रह गए अकेले
ग्रामीण त्रिलोक कुमावत और भंवर भाट ने बताया कि मृतक राजकुमार प्रजापत की मां और एक भाई की पहले मौत हो चुकी है। परिवार में एक बुजुर्ग बीमार पिता का एकमात्र सहारा राजकुमार ही था। राजकुमार अविवाहित थाए परिवार के लिए दिन में बकरियां चराता था और रात में मंदिर की चौकीदारी करने जाता था। रक्षाबंधन के बाद से ही वह मंदिर में जाने लगा था। रुधे गले से वे बार.बार यहीं कहते रहे कि अब मैं किसके भरोसे जीवित रहूंगा। सधूर माताजी मंदिर में चौकीदार की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों को अधिकारी समझाते रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दियाए तब रात 9 बजे रात धरना खत्म हो गया।





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